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Manish Sharma


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शहादत का इनाम, चपरासी की नौकरी!

Posted On: 2 Nov, 2012  
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ठिठका बापू का परम सखा

Posted On: 2 Nov, 2012  
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भारतीय नागरिक नहीं हजारों रिफाइनरी श्रमिक!

Posted On: 2 Nov, 2012  
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अनजान रिश्ते बचाएंगे जान

Posted On: 2 Nov, 2012  
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..मुझे आजादी दे दो!

Posted On: 31 Jul, 2011  
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इस हाईकोर्ट में फैसला आन द स्पॉट

Posted On: 31 Jul, 2011  
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मुकाम तक छलांग, न कहो विकलांग

Posted On: 13 Feb, 2011  
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..जाति-पाति पूछे ना कोय

Posted On: 7 Feb, 2011  
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भ्रष्टाचार के युग में ईमानदारी का पाठ

Posted On: 30 Aug, 2010  
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किसी विद्यार्थी को कभी भी उपरोक्त स्टेशनरी की जरूरत पड़ती है तो वह तुरंत दुकान से मनचाही वस्तु लेकर बोर्ड पर अंकित कीमत के हिसाब से रुपया गल्ले में डाल देता है। अगर रुपया नहीं तो उधारी के तौर पर सामान की कीमत की पर्ची बनाकर अपने नाम से गल्ले में डाल देता है। फिर अगले दिन कीमत व उधारी चुकता करने की पर्ची गल्ले में डाल देता मनीष जी बहुत बहुत बधाई ,,,,,, गांव मुल्तानियां स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इस ईमानदारी के पाठ की जानकारी देने की, श्री मंजीत जी को . उनकी इक्षा शक्ति को .और उन तमाम बच्चो के अनुकरणीय प्रयास को हमारा नमन. अंधेरो के बीच टिमटिमाता यह दिया दिन पर दिन प्रखर हो तेज पुंज की तरह देश फ़ैल जाय इसी इसी आशा के साथ के

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